छठी चोटी शनिवार, 30 जुलाई 2005 घोड़े की तेज़ रफ्तार टापों की आवाज़ सुनकर उसने पलटकर देखा। दूर तंबुओं के…

पांचवीं चोटी बुधवार, 27 जुलाई 2005 वह कमरे का दरवाज़ा खोलकर बाहर लंबे बरामदे में आ गई। बरामदा बेहद विशाल…

नवा-ए-वक्त, मंगलवार, 16 अगस्त 2005 “राकापोशी पर ग्लेशियर फटने से पर्वतारोही लड़की गिरकर हلاک” हुनजा (AFP) –…

शज़ा—शज़ा—कहाँ हो तुम-? दादू नीचे बुला रही हैं- जिब्राईल धड़ाम से दरवाज़ा खोलकर उसके कमरे में दाखिल हुआ। वह…

عبداللہ और परी ने जाकर सलाम किया। “बैठ जाओ,” उन्होंने हुक्म दिया। वे दोनों घुटनों के बल बैठ…

वे शिष्टता से अंदर प्रवेश किए। आगे-पीछे दो कमरे थे। फर्श पर चटाई बिछी थी और बाबा जी दीवार…

शज़ा बेटा, उठ जाओ, शाम हो गई है। शमा ने प्यार से उसके बालों को समेटते हुए उसे…

परी सर्दी बहुत ज़्यादा हो गयी  है। हमें कॉलेज से छुट्टियाँ हो रही हैं और… अब मैं… वह झिझका।…

रात के तीन बज रहे थे। वह इशा की नमाज के बाद से ही जानमाज़ पर बैठी थी।…

अहसान साद ने उसके लिए एक नियम तय कर दिया था: अगर वह कोई गलती करती, तो उसे उसे…