नवा-ए-वक्त, मंगलवार, 16 अगस्त 2005 “राकापोशी पर ग्लेशियर फटने से पर्वतारोही लड़की गिरकर हلاک” हुनजा (AFP) –…
शज़ा—शज़ा—कहाँ हो तुम-? दादू नीचे बुला रही हैं- जिब्राईल धड़ाम से दरवाज़ा खोलकर उसके कमरे में दाखिल हुआ। वह…
عبداللہ और परी ने जाकर सलाम किया। “बैठ जाओ,” उन्होंने हुक्म दिया। वे दोनों घुटनों के बल बैठ…
वे शिष्टता से अंदर प्रवेश किए। आगे-पीछे दो कमरे थे। फर्श पर चटाई बिछी थी और बाबा जी दीवार…
शज़ा बेटा, उठ जाओ, शाम हो गई है। शमा ने प्यार से उसके बालों को समेटते हुए उसे…
परी सर्दी बहुत ज़्यादा हो गयी है। हमें कॉलेज से छुट्टियाँ हो रही हैं और… अब मैं… वह झिझका।…
रात के तीन बज रहे थे। वह इशा की नमाज के बाद से ही जानमाज़ पर बैठी थी।…
अहसान साद ने उसके लिए एक नियम तय कर दिया था: अगर वह कोई गलती करती, तो उसे उसे…
इमा इतनी सदमे में थी कि वह कुछ बोल नहीं पाई। उसकी आँखें आँसुओं से भरी थीं। सालार उसके…
वह अपनी ज़िम्मेदारी खुद उठा रही थी। वह अभी भी उसे अकेले छूने के लिए तैयार नहीं थी……
